कौन बनेगा किसानो का असली मसीहा ?
कौन बनेगा किसानो का असली मसी हा ? पिछले लगभग 40 दिनों से देश में चल रहे किसान आंदोलन ने पूरे देश में अस्थिरता का वातावरण बना दिया है लेकिन मोदी सरकार के कान पर ज़ू भी नहीं रेग रही है| आमतौर पर यह माना जाता है कि भारतीय समाज में समय-समय पर होने वाली उथल-पुथल में किसानो की कोई सार्थक भूमिका नहीं रही है लेकिन ऐसा नहीं है क्योकि भा रत के स्वाधीनता आंदोलन में जिन लोगो ने शीर्ष स्तर पर अपनी उपस्थित दर्ज़ कराई उनमे आदिवासियों,जनजातियों और किसानो का अहम् योगदान रहा है |स्वतंत्रता से पहले किसानो ने अपनी मांगो के समर्थन में जो आंदोलन किये वे गाँधी जी के प्रभाव के कार ण हिंसा और बर्बादी से भरे नहीं होते थे,लेकिन अब स्वतंत्रता के बाद जो किसानो के नाम पर आंदोलन हुए वे हिंसक और राजनीति से ज्यादा प्रेरित थे और आज भी हैं | आज भारत में भाजपा नीति सरकार जिस किसान कानून को किसान...