संदेश

सितंबर, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हिंदी दिवस : वैश्विक स्तर पर बढ़ता हिंदी का वर्चस्व !

चित्र
हिंदी दिवस : वैश्विक स्तर पर बढ़ता हिंदी का वर्चस्व                         भारत विविधताओं का देश है,जहां अनेको भाषाए पढ़ी,लिखी और बोली जाती है| देश में अधिकतर लोगो की मात्र भाषा  हिंदी है| हिंदी को राष्ट्रीय भाषा घोषित किये जाने की मांग कई बार अनेको दिग्गजों द्वारा उठाई गई लेकिन इस पर कोई निर्णय अब तक नहीं लिया जा सका है हालांकि हिंदी को राजभाषा का दर्ज़ा प्राप्त है | देश के अधिकांश राज्यों के सभी सरकारी कार्यालयों में हिंदी का ही प्रयोग होता है| एक आंकलन के अनुसार 2001 की जनगणना के मुताबिक भारत में लगभग 42.6 करोड़ लोग हिंदी को पहली बोली (भाषा)  के रूप में बोलते है | भारत में  हिंदी के महत्त्व के प्रति लोगो को जागरूक करने एवं उसके ज्ञान को सर्व हित तक पहुंचाने के लिए सरकारी स्तर पर   निरंतर प्रचार - प्रसार किया जा रहा है | भारत की आज़ादी के बाद 14 सितम्बर 1953 से पूरे देश में हर साल 14 सितम्बर को हिंदी दिवस के रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया | हिंदी दिवस को 14 सितम्बर को ही मनाये जाने के पीछे मुख्य का...

पितृ पक्ष : अपने पुरखो-पूर्वजो के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करने का अवसर !

चित्र
पितृ पक्ष : अपने पुरखो-पूर्वजो के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करने का अवसर !                                     पितृ पक्ष हमारी उन समस्त पिछली पीढ़ियों को समर्पित है जिन्होंने हमारे जीवन में किसी न किसी रूप में अपना योगदान किया होता  है | क्योकि यह निश्चित है की आज हम जो भी है वह हमारे पुरखो-पूर्वजो के कर्मो का ही प्रतिफल है |अतः हमारा दायित्व बनता है कि हम जीते जी तो अपने पुरखो-पूर्वजो की सेवा-सत्कार व मान-सम्मान करे ही अपितु मृत्योपरांत भी उनका स्मरण करे तथा उनके किये गए कर्मो का अनुसरण करने का संकल्प ले | इसलिए अपने पूर्वजो के प्रति सम्मान व आभार प्रकट करने के लिए यह प्रथा बनायी गयी है | पितृ पक्ष  में पितरो की आत्मा की शांति के लिए परमात्मा से प्रार्थना करके ब्राम्हण भोज कराया जाता है तथा उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया जाता है | वैसे तो सदैव ही गाय,स्वान,कौव्वा  व अन्य पशु - पक्षियों को भोजन  व जल आदि देना चाहिए किन्तु पितृ पक्ष में इनको  कराया गया भोजन सीधे ...

मोबाइल की दुनिया में नया धमाल:जल्द ही आप उठाएंगे 5 जी का मज़ा|

चित्र
 मोबाइल की दुनिया में नया धमाल:जल्द ही आप उठाएंगे 5 जी का मज़ा|                        "करलो दुनिया मुठ्ठी में" का स्लोगन आज अक्षरशः सही साबित हो रहा है| आज हम देख रहे है कि बच्चा हो या व्यस्क्,गरीब हो या अमीर,औरत हो या आदमी,गाँव हो या शहर,व्यस्त हो या खाली, मालिक हो या नौकर  हर किसी के हाथ में एक अदद मोबाइल जरूर दिखेगा | शौक से शुरू हुआ मोबाइल का दौर अब हर एक की सब से पहली जरूरत बन गया है | फीचर फ़ोन की जगह अब स्मार्ट फ़ोन ने ले ली है | स्मार्ट फ़ोन अब हर व्यक्ति के हाथो की शोभा बन चुका है और बने भी क्यों ना हमारी तमाम सारी जरूरते,जिज्ञासाएं,जानकारिया,मनोरंजन से लेकर आवश्यक कार्य तक मोबाइल की मदद से ही पूरे हो रहे है और आगे भी सभी सरकारी एवं गैर सरकारी कार्य मोबाइल के माध्यम से ही पूरे किये जाने है | कुल मिला कर यह जो मोबाइल है यह आज हमें पूरी दुनिया से इंटरनेट के द्वारा  हर समय जोड़े रखता है| अभी करोना काल में वैक्सीनेशन स्लॉट बुक करने से लेकर टीकाकरण प्रमाणपत्र तक सब मोबाइल फ़ोन के जरिये होता रहा,स्कूल-कालेज,बै...