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नवंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

चीन की लम्बी छलांग :सुपर इकोनॉमिक पावर बना चीन -

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चीन की लम्बी छलांग  :सुपर इकोनॉमिक पावर बना चीन -                                   विश्व की महाशक्ति माने जाने वाले अमेरिका को पछाड़ कर चीन दुनिया का सब से धनी देश बन गया है | विश्व भर के तमाम देशो का खाता बही व बैलेंस शीट पर नजर रखने वाली मैनेजमेंट कंसल्टेंट मैकिंजे एंड कंपनी की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले बीस साल में विश्व की सम्पति 3 गुना बढ़ी है लेकिन इस बढ़ोत्तरी में चीन की हिस्सेदारी लगभग एक तिहाई यानी 33 प्रतिशत है | इस में कहा गया है की साल 2000 में दुनिया की कुल सम्पति 156 ख़रब डॉलर थी, जो कि दो दशक बाद यानी साल 2020 के बाद बढ़ कर 514 खरब डालर हो गयी ,वहीं 2000 में चीन की कुल सम्पति 7 ख़रब डालर थी जो साल 2020 में तेज़ी से बढ़ कर 120 ख़रब डालर पहुंच गयी | वही यदि हम अमेरिका की बात करे तो इस की कुल सम्पति बीते 20 वर्षो में बढ़ कर दोगुनी हो गयी है| साल 2020 में अमरीका की कुल सम्पति 90 खरब डालर पर पहुंच गयी है | रिपोर्ट में कहा गया है की अमेरिका में प्रॉपर्टी के दामों में बहुत ज्यादा...

पर्यावरण के प्रति लापरवाही का असर:शहर शहर - प्रदुषण का कहर !

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      पर्यावरण के प्रति लापरवाही का असर:शहर शहर - प्रदुषण का कहर ! विज्ञानं के इस युग ने यदि हमको बहुत कुछ दिया है तो बदले में  हम से बहुत कुछ लिया भी है | हमने भी इसकी बड़ी कीमत चुकाई हैं और चुका रहे है | विकास की अंधी दौड़ ने हमको कहा ला कर खड़ा कर दिया है सोच कर डर  लगता है | जरा सोचिये आने वाली पीढ़ियों को विरासत में क्या देकर जा रहे है आप  और हम ? क्या आने वाली नस्ले हमें माफ़ करेंगी ? ऐसे प्रदूषित संसार की कल्पना तो नहीं की थी हमने लेकिन हमारी विकास नीति और पर्यावरण के प्रर्ति उदासीनता ही इसका मुख्य कारण है | आज के समय में पर्यावरण प्रदूषण एक वैश्विक समस्या बन चूका है जिस का हल फिलहाल शायद किसी के पास नहीं है | बड़े बड़े सम्मेलनों में बड़े बड़े नेता अपनी आवाज़ बुलंद करके पर्यावरण पर बड़ी बड़ी बाते तो करते है लेकिन धरातल पर उनका कोई यथोचित परिणाम नज़र नहीं आता है | जब की हालत यह है कि प्रदूषण से हमारी पृथ्वी ,जल ,वायु ,आकाश ,अन्न आदि के साथ साथ मानव जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है |                ...

अब की बार - महंगाई की मार ! निरंकुश होती महंगाई पर जिम्मेदार चुप क्यों ?

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        अब की बार - महंगाई की मार !  निरंकुश होती महंगाई पर जिम्मेदार चुप क्यों ? वैसे तो हम सभी वर्षो से सुनते आ रहे है कि 'महंगाई बहुत है'  हर नागरिक की जबान पर यह शब्द सुनने को मिल जाता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षो से महंगाई ने जो नए नए रिकॉर्ड बनाने शुरू कर दिए है उस से पूरा देश बुरी तरह से प्रभावित हुआ है | देश की सब से अहम् समस्या इस समय महंगाई के रूप में सामने खड़ी है | महंगाई से हमारा आशय बाज़ार में वस्तुओ की लगातार बढ़ती कीमतो से है,जिस से देश की अर्थव्यवस्था में उतार-चढ़ाव आते है | महंगाई पूरे समाज को प्रभावित करती है तथा इससे हर व्यक्ति की आजीविका पर व्यापक असर पड़ता है | आज के समय में भारत में बढ़ती  हुई महंगाई और मुद्रा स्फीति की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है लेकिन इस सार्वजानिक समस्या पर देश के जिम्मेदार चुप क्यो है ? बेरोज़गारी,भ्रष्टाचार,जमाखोरी आदि समस्याए भी इस को बढ़ाने में सहायक साबित होती है |  भारत में महंगाई के मुख्य कारण :  महंगाई देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य सूचक है | नियंत्रित होने पर यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा क...