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अप्रैल, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बुलडोज़र : भारतीय राजनीति में नयी हलचल |

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बुलडोज़र : भारतीय राजनीति में नयी हलचल |                           आज कल भारतीय राजनीति में बुलडोज़र की बड़ी हलचल है| देश में कही भी अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए प्रयोग मे लाई जाने वाली यह मशीन आज भारत की जनता,मीडिया और राजनीतिक दलों के बीच प्रमुख मुद्दा है| कही भी बुलडोजर चलता है तो लोग उत्सुकता वश भीड़ लगा कर देखने पहुंच जाते है | शहर हो या गाँव बुलडोजर जनता और मीडिआ के साथ साथ नेताओ के लिए भी आकर्षण की वस्तु बन गया है | यदि हम देखें कि ,भारतीय राजनीति में इस "बुलडोजर" की इंट्री कब और कहा से हुई तो पता चलता है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने भूमाफिआओ के विरूद्ध एक व्यापक अभियान छेड़ा और उस अभियान के तहत तमाम भूमाफिआओ के द्वारा कब्ज़ा की गयी सरकारी एवं गैर सरकारी जमीनों को उनके चुंगल से छुड़ाया |  सरकार के इस अभियान का मुख्य "हीरो" "बुलडोजर" महाराज ही थे | अभी हाल ही में संपन्न हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में "बुलडोज़र" भी एक अहम् मुद्दा बन गया था| चुनावी सभाओ में सत्ताधारी नेताओ से लेकर सभी विपक्षी नेता भी बुल...

अम्बेडकर जयंती पर विशेष : दलितों के असली मसीहा के रूप में जन्मे |

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अम्बेडकर जयंती पर विशेष : दलितों के असली मसीहा के रूप में जन्मे |                           आज देश डा. भीम राव अम्बेडकर जी की 131 वी जयंती मना रहा है | बाबा साहेब के नाम से प्रसिद्ध अम्बेडकर जी का जन्म 14 अप्रैल,1891को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था | उन्होंने समाज में व्याप्त ऊच-नीच,जाति-धर्म और असमानता जैसे मुद्दों को लेकर अथक प्रयास किया| वह दलितों तथा समाज के पिछड़ें वर्ग के उथ्थान के लिए सदा संघर्ष शील रहे| स्वयं महार जाति में जन्मे बाबा साहेब के पिता श्री राम जी राव सतपाल सेना में सूबेदार के पद पर थे|वे अत्यंत धार्मिक प्रवत्ति के होने के साथ साथ अपने परिवार  सहित नित्य पूजा-पाठ किया करते थे |डा. अम्बेडकर की माता का नाम भीमा बाई था | वह भी अत्यंत सीधी एवं सरल स्वाभाव की थी | वह बनावटी व् दिखावे के व्यवहार से कोसो दूर रह कर सत्य व् न्याय में विश्वास रखती थी |                                 बचपन में बाबा साहेब अन्य बच...

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष : भारत में भी बढ़ी स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता !

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  विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष : भारत में भी बढ़ी स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता !             जनता जनार्दन के स्वास्थ्य को लेकर पूरी दुनिया में लगातार  प्रयास होते  रहे  है और होते  रहेंगे | समय समय पर हमारे वैद्यो,योगाचार्यो,चिकित्स्कों एवं स्वास्थ्य अधिकारिओ द्वारा इस दिशा में जागरूकता फैलाई जाती रही है| हमारे समाज में आदिकाल से ही धारणा रही है कि "जान है तो जहां है" और "पहला सुख निरोगी काया" तथा "सर्वे भवन्तु सुखिन:,सर्वे सन्तु निरामया" इन सभी संदेशो में मुख्य रूप से व्यक्ति को स्वस्थ रहने हेतु प्रेरित किया गया है | पूरी दुनिया के लोगो को स्वस्थ रहने हेतु व स्वाथ्य के प्रति जागरूक करने केलिए हर वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्तर पर "विश्व स्वास्थ दिवस" यानि कि  "वर्ल्ड हेल्थ डे" मनाया जाता है | विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के बैनर तले मनाये जाने वाले इस दिन की शुरुआत 7 अप्रैल,1950 को हुई थी| चूकि इसी तारीख को विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना भी हुई थी इसलिए इस तिथि को चिन्हित करने हेतु इस तारीख को ही विश्व स...