विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष : आओ धरती का क़र्ज़ उतारे !
विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष : आओ धरती का क़र्ज़ उतारे ! भारत में पृथ्वी यानि धरती को माँ का स्वरुप माना गया है और इसी मान्यता के अंतर्गत हम नित्य प्रातः सो कर उठते ही सब से पहले धरती पर पैर रखने से पूर्व धरती को नमन करते है | इसका प्रत्यक्ष कारण भी है इस पृथ्वी पर हम जन्म लेते है तथा इसी पृथ्वी से हमें जल ,अनाज ,वनस्पति जैसे जीवन देने वाली आवश्यक वस्तुए प्राप्त होती है इसके साथ ही साथ सोना,चांदी ,ताम्बा,पीतल,लोहा एवं तेल जैसे खनिज पदार्थ भी हम को इसी पृथ्वी से प्राप्त होता है जिस से ये दुनिया चलती है | वैसे तो दुनिया भर में साल में दो बार पृथ्वी दिवस मनाया जाता है 21 मार्च तथा 22 अप्रैल | 21 मार्च को संयुक्त राष्ट्र द्वारा समर्थित "इंटरनेशनल वर्ल्ड डे" का अपना वैज्ञानिक तथा पर्यावरणीय महत्त्व है लेकिन 22 अप्रैल को मनाये जाने वाले "विश्व पृथ्वी दिवस" का सामाजिक व राजनीतिक महत्त्व है | लेकिन वर्तमान समय में मुख्य रूप से दुनिया के अधिकांश देश 22 अप्रैल को ही विश्व...