स्वतंत्रा दिवस के प्रति घटता उल्लास चिंतनीय :
स्वतंत्रा दिवस के प्रति घटता उल्लास चिंतनीय : किसी भी व्यक्ति के जीवन में स्वतंत्रा का महत्त्व सर्वप्रथम होता है | बल्कि पशु-पक्छी भी स्वतंत्रा के महत्त्व को भली भांति अनुभव करते है |एक सोने के पिंजरे में कैद अच्छे से अच्छा खाने वाले पक्छी की अ पेच्छा खुले आस्मां में स्वच्छंद विचरण करने वाले तथा अपना दाना - पानी स्वतः तलाशने वाला पक्छी ज्यादा बेहतर होता है | मैंने एक कैदी के विषय में पढ़ा था कि वह जब जेल से छोड़ा गया तो तो जेल से बाहर आते ही उसे एक बहेलिया दिखा जो तमाम सारे पक्छियो को पिंजरे में कैद किये हुए था तथा उन्हें बेचने जा रहा था तो उस कैदी ने जेल में काम करके कमाए गए पैसो से उन सभी पक्छियो को खरीद लिया तथा उन्हें खुले आसमान में स्वछंद उड़ने के लिए छोड़ दिया | उसके साथी ने जब उस से पुछा की इतनी मेहनत से कमाए पैसो को उसने उन पक्छियो को उड़ाने में क्यों व्यर्थ कर दिए तो उस कैदी ने कहा की पराधीनता का दर...