दिल दा मामला है ! ख़तरे की ओर बढ़ती जवा दिलो की धड़कने :

           दिल दा मामला है !   ख़तरे की ओर  बढ़ती जवा दिलो की धड़कने : 



बदलता लाइफस्टाइल और खानपान की आदते बढ़ा रहा है कम उम्र में ही गंभीर बिमारिओ का मरीज़ | यह बीमारिआ कभी कभी जान लेवा भी साबित हो जाती है | जैसे की हार्ट अटैक | हाल ही में जारी एक रिपोर्ट केअनुसार हमारे देश मेँ प्रति वर्ष लगभग 900 युवाओ की मौत हार्ट अटैक से होती है, जिनमे 30-40  वर्ष की आयु से कम के युवा भी इस गंभीर बीमारी से पीड़ित है | सब से अधिक चिंता की बात यह है की यह आकड़ा प्रति वर्ष बढ़ता ही जा रहा है | जहा 1990 में यह आकड़ा 24 %  था वही 2020 में यह आकड़ा 40% तक पहुंच गया |   

मुझे यह ब्लॉग लिखने के लिए तब और जरूरी लगने लगा या यू समझिये की रहा नहीं गया जब एक युवा अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ल की हार्ट अटैक से महज़ 40 साल की आयु में आकस्मिक मृत्यु हो गयी | बिना किसी पूर्व गंभीर बीमारी के एक हष्ट पुष्ट शरीर के मालिक फिटनेस के लिए सदैव सजग रहने और खान पान का विशेष ध्यान रखने वाले एक जिंदादिल युवा अभिनेता का असमय दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मृत्यु ने मुझे ही नहीं बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया ,जिस ने भी यह खबर सुनी अवाक रह गया लेकिन सिद्धार्थ की मौत के बाद एक सवाल बार बार कौंध रहा है की इतने फिट और कम उम्र के युवाओ की मौत हार्ट अटैक से क्यों हो रही है ? निश्चित ही इस खबर को सिर्फ एक खबर के रूप में देखना उचित नहीं,बल्कि इसे एक सबक के रूप में देखना ज्यादा जरूरी है | खास कर उन युवाओ के लिए जो कि खुद को फिट मान कर अपने दिल और दिमाग का खास ध्यान नहीं रखते है | भारत में कम उम्र में हार्ट अटैक आम होते जा रहे है,हालत यह है कि दुनिया के मुकाबले भारतीयों  में हार्ट अटैक 8 - 10 साल पहले होने लगे है | 
                       विश्व में हर साल दिल की बीमारियों से मरने वालो की संख्या करीब 1 करोड़ 80 लाख से ज्यादा है जिसमे से भारत में करीब 30 लाख लोग हर साल कार्डिओ वैस्कुलर जैसी बिमारिओ का शिकार हो जाते है | इसमें भी सब से अधिक खतरनाक और चिंता की बात यह है कि देश में होने वाले कुल हार्ट अटैक के केसेज़ में 50 परसेंट केसेज 50 साल से कम आयु के लोगो के है और 25 परसेंट लोग 40 साल से कम आयु के है | निश्चित ही आज के समय में युवाओ की जो लाइफ स्टाइल में चेंज आया है वो भी कही न कही लापरवाही का कारण बन जाता है | लोग अपनी लाइफस्टाइल तो बदल लेते है किन्तु इसके साथ उन उपायों को नहीं अपनाते जो उनके शरीर के लिए अति आवश्यक है| 
                           एक्सपर्ट्स की माने तो हार्ट की समस्या मुख्य रूप से कोलेस्टाल बढ़ने से होती है| कोलेस्टाल के लिए डायबिटीज़,हाइपरटेंशन,मोटापा,ज्यादा और नुकसानदायक खाना,स्मोकिंग जैसे फैक्टर्स जिम्मेदार होते है | ऐसा नहीं है कि युवा इन बातो को नहीं जानते या नहीं समझते बात  तो यह है कि वो जान कर भी अक्सर अपनी हेल्थ को लेकर लापरवाह बन जाते है | और अपनी ही केयर करना बंद कर देते है | लेकिन चूँकि युवा ही देश  का भविष्य है इस लिए कुल मिला कर आज के युवाओ को इस लापरवाही को रोकना होगा,ताकि दिल धड़कता रहे और साँसे असमय न रुके |    
  
                 इस भयानक स्थिति की ओर ले जाने वाले प्रमुख कारण ये जान पड़ते है -
(1) हमारा बदलता खानपान,खासकर युवाओ में बढ़ता जंकफूड,चाइनीस फ़ूड एवं फ़ास्ट फ़ूड का चस्का इसके लिए जिम्मेदार हो        सकता है| विशेषज्ञों की माने तो जो लोग ज्यादा फैट और जंक फ़ूड खाते है उन में अन्य लोगो के मुकाबले 35 प्रतिशत तक        दिल की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है | 


2) जिस तरह से सिगरेट स्मोकिंग का चलन और शौक़ युवाओ में स्टेटस सिंबल बनता जा रहा है कही हद तक यह भी दिल को        कमज़ोर करने में अपनी अहम् भूमिका निभाता नज़र आता है |   
(3)  रोजाना काम का तनाव तथा स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही व अव्यवस्थित दिन चर्या भी दिल की बिमारिओ का एक बड़ा               कारण  हो सकता है | 
                  
               इस भयानक स्थिति से बचने के मुख्य उपाय ये हो सकते  है  -
(1) हमें अपने खानपान में संतुलित,शुद्ध  व पौष्टिक आहार लेने चाहिए | अधिक घी,तेल  आदि से परहेज़ करते हुए फल,मेंवे तथा       डेयरी पदार्थ का सेवन ही करना चाहिए | 



(2) नियमित रूप से योग,प्राणायाम एवं सुबह-शाम टहलने का कार्यक्रम अवश्य बनाना चाहिए | हो सके तो कुछ देर व्यायाम            भी करना चाहिए | विभिन्न प्रकार के खेल भी खेले जा सकते है शारीरिक छमता बढ़ाने  हेतु |  

                                        

(3) वर्ष में एक या दो बार शरीर का रूटीन चेकअप अवश्य करा लेना चाहिए | जैसे कोलेस्टॉल व इ सी जी सुगर बी पी इत्यादि | 

                                       इस प्रकार यदि हम ईश्वर द्वारा दी गयी इस शरीर रूपी धरोहर को स्वस्थ एवं सुरक्षित रखेंगे तो निश्चित रूप से स्वस्थ,समृद्ध एवं निरोगी बनाये रख सकेंगे |जिस से हर परिवार,समाज तथा पूरा देश स्वस्थ रह सकेगा व विकास  सकेगा | 

धन्यवाद !

आप का -

संजय शुक्ल 



 




















 









 


















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